बहुत पुराना है वह रिश्ता

बहुत पुराना है वह रिश्ता
जिसे गठरी में बाँधकर रखा है
मेहमान को बिठाया बाहर
घर को किराये पर दे रखा है


शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: २००३

Published by

Vinay Prajapati

Vinay Prajapati 'Nazar' is a Hindi-Urdu poet who belongs to city of tahzeeb Lucknow. By profession he is a fashion technocrat and alumni of India's premier fashion institute 'NIFT'.

5 thoughts on “बहुत पुराना है वह रिश्ता”

  1. बहुत पुराना है वह रिश्ता
    जिसे गठरी में बाँधकर रखा है
    मेहमान को बिठाया बाहर
    घर को किराये पर दे रखा है

    bahut sunder

  2. बहुत पुराना है वह रिश्ता
    जिसे गठरी में बाँधकर रखा है
    मेहमान को बिठाया बाहर
    घर को किराये पर दे रखा है

    ‘wah, gjab kee soch or shabd sanyogen’

    regards

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