है दिल मेरा दीवाना तेरा

है दिल मेरा दीवाना तेरा
तू शमअ मेरी मैं परवाना तेरा
झूमती हवाएँ नशीली फ़िज़ाएँ
हाँ यह झूमती हवाएँ
और यह नशीली फ़िज़ाएँ
गीत गाकर यह कहती हैं
है दिल मेरा दीवाना तेरा

सच्ची है मोहब्बत मेरी
तुम मुझे आज़माकर देख लो
मंज़ूर हो अगर तुमको
मेरे सनम हाँ बोल दो
है दिल मेरा दीवाना तेरा
तू शमअ मेरी मैं परवाना तेरा

मौसम प्यार का आया है
यह जादू तूने चलाया है
मौसम प्यार का आया है
यह जादू तूने चलाया है
दिल के आसमाँ पर चाँद-सा
चेहरा तेरा नज़र आया है

है दिल मेरा दीवाना तेरा
तू शमअ मेरी मैं परवाना तेरा
झूमती हवाएँ नशीली फ़िज़ाएँ
हाँ यह झूमती हवाएँ
और यह नशीली फ़िज़ाएँ
गीत गाकर यह कहती हैं
है दिल मेरा दीवाना तेरा

सच्ची है मोहब्बत मेरी
तुम मुझे आज़माकर देख लो
मंज़ूर हो अगर तुमको
मेरे सनम हाँ बोल दो
है दिल मेरा दीवाना तेरा
तू शमअ मेरी मैं परवाना तेरा


शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: १९९८-१९९९

Published by

Vinay Prajapati

Vinay Prajapati 'Nazar' is a Hindi-Urdu poet who belongs to city of tahzeeb Lucknow. By profession he is a fashion technocrat and alumni of India's premier fashion institute 'NIFT'.

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