हम सब के सच्चे दोस्त हैं

हम सब के सच्चे दोस्त हैं
हर दिल की बात समझते हैं
उसकी ख़ुशी को हम अपने
ख़ुशी के आँसुओं में रखते हैं


शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: २००३

6 Replies to “हम सब के सच्चे दोस्त हैं”

  1. ham bhi achey dost hai
    ham aap ki baat samajhte hai
    hai sabd badhey_chote lekin
    seedha dil pe dastak dete hai
    mere har gam mein lekin
    khushi ke ashoon baraste hai
    ‘ok..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *